सरदारी आंदोलन (1858-95)

  • यह मूलतः जमींदारों के विरुद्ध था, जो जनजातियों की सरदारी छिन जाने से उत्पन्न हुआ था
  • समस्या के समाधान हेतु 1869 में छोटानागपुर टेंन्यूर्स एक्ट लागू किया गया था, परन्तु शिकायतें खत्म नहीं हुई, जिसके चलते यह आंदोलन हुआ। इसमें मुंडा सरदारों ने सामूहिक खेती के लिए आंदोलन किया।

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By : Ramakant Verma

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